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आयोडीन की गोलियाँ (पोटैशियम आयोडाइड) — तथ्य
आयोडीन की गोलियाँ क्या करती हैं और क्या नहीं, और इन्हें केवल अधिकारियों के कहने पर ही क्यों लेना चाहिए।
ड्राफ़्ट: नीचे दिए आधिकारिक स्रोतों से लिखा गया, मानवीय समीक्षा अभी बाकी है।
अंग्रेज़ी से अनुवादित। अगर कुछ स्पष्ट न हो, तो अंग्रेज़ी संस्करण और आधिकारिक स्रोत ही मान्य होंगे। English
ये क्या करती हैं
पोटैशियम आयोडाइड (KI) थायरॉइड ग्रंथि को सुरक्षित आयोडीन से भर देता है, ताकि वह रेडियोधर्मी आयोडीन को सोख न सके। यह संपर्क में आने से थोड़ा पहले या ठीक बाद लेने पर सबसे अच्छा काम करता है, और एक खुराक लगभग 24 घंटे तक सुरक्षा देती है।
ये क्या नहीं करतीं
- ये शरीर के बाकी हिस्सों की रक्षा नहीं करतीं।
- ये दूसरे रेडियोधर्मी पदार्थों से, या परमाणु विस्फोट के बाद की रेडियोधर्मी धूल (फ़ॉलआउट) से रक्षा नहीं करतीं, जो सबसे बड़ा ख़तरा है।
- ये पहले से हो चुके नुकसान का इलाज नहीं हैं।
सबसे अच्छा बचाव अब भी यही है: अंदर जाएँ, अंदर रहें, जानकारी लेते रहें।
इन्हें कब लें
केवल तभी, जब जन-स्वास्थ्य या आपदा प्रबंधन अधिकारी, या आपके डॉक्टर कहें। वे बताएँगे कि इसे किसे लेना है और क्या दूसरी खुराक की ज़रूरत है।
- अधिकारी आमतौर पर 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों और गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्राथमिकता देते हैं।
- सलाह से ज़्यादा लेने पर गंभीर बीमारी या मौत हो सकती है।
- कुछ लोगों को (जैसे आयोडीन से एलर्जी या थायरॉइड की कुछ बीमारियों वाले लोग) इसे नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर से पूछें।
- आयोडीन युक्त नमक, आयोडीन से भरपूर भोजन और आयोडीन सप्लीमेंट इसका विकल्प नहीं हैं।
नियम और उपलब्धता हर देश में अलग हैं। स्थानीय दिशानिर्देशों के लिए अपने देश का पेज देखें।
सरकारी वीडियो
Centers for Disease Control and Prevention (CDC) की ओर से · भाषा: अंग्रेज़ी
Centers for Disease Control and Prevention (CDC) की ओर से · भाषा: अंग्रेज़ी
पहली बार खोलने के बाद इंटरनेट के बिना भी चलता है